
आजकल हर कोई बात करते रहते है कि म्युचुअल फंड के बारे मे लेकिन सोचते रहते हैं कि म्यूचुअल फंड है क्या और कैसे काम करता है हम आसान भाषा में इस ब्लॉग में बताएंगे म्युचुअल फंड HINDI में क्या और म्यूचुअल फंड कैसे काम करता हैअगर आप इस ब्लॉक को पढ़ेंगे तो म्युचुअल फंड के बारे में सारे उलझने में आपकी क्लियर हो जाएंगे क्योंकि इसमें हम पूरा डिटेल में म्युचुअल फंड के बारे में बात करेंगे कि एक छोटा बच्चा को भी थोड़ा बहुत समझ में आए जाए कि निवेश कैसे करें और कैसे नहीं करें हम पूरा आसान भाषा में हिंदी में बताएं
म्यूचुअल फंड क्या हैं?
आईए हम समझते हैं म्यूचुअल फंड होता क्या है
आज हम सीखेंगे म्युचुअल फंड के बारे में की म्युचुअल फंड क्या है म्युचुअल फंड एक तरह की इन्वेस्टमेंट है जो इसमें काफी अच्छा रिटर्न मिलता है लेकिन लोगों को पता नहीं होता है कि यह रिटर्न हम कैसे कमाएंगे हम जैसे FD और RD करते हैं बस इसमें भी हमें पैसा डालना पड़ता है म्युचुअल फंड में यह बात है की FD और RD के मुकाबले में लॉन्ग टर्म में यह आपको बेहतर रिटर्न दे सकता है क्योंकि इसमें जो पैसा लगाए जाते हैं कुछ स्टॉक में लगा देते है कुछ बॉन्ड में लगाए जाते हैं इसमें बहुत सारे लोगों पैसा डालते हैं इतना सारा पैसा हो जाता है की अलग-अलग इन्वेस्ट कर देते हैं
खाता खुलवाने की विधि
हम चाहे तो बैंक के थ्रू भी खाता खुलवा सकते हैं या फिर डिस्काउंट ब्रोकर की भी खुलवा सकते हैं लेकिन डिस्काउंट ब्रोकर खुलवाने में आपका यह फायदा रहेगा कि इसमें आपको कमीशन ज्यादा नहीं देना पड़ेगा और डिस्काउंट ब्रोकर खुलवाने के लिए आप सिर्फ मोबाइल से खुलवा सकते हैं आपके बैंक जाने की कोई जरूरत नहीं है घर बैठे खुलवा सकते हैं आजकल प्ले स्टोर में बहुत सारे डिस्काउंट ब्रोकर आ चुके हैं उनमें आप यूट्यूब का वीडियो भी देख कर खुलवा सकते हैं
म्यूचुअल फंड कैसे काम करते हैं?
म्युचुअल फंड कैसे काम करता है म्युचुअल फंड में जो हम लोग पैसा लगाया जाता है उन्हें पैसा से जो प्रॉफिट होता है उसी पैसा को यूनिट के हिसाब से बांट दिए जाते हैं जिसका जैसा यूनिट रहता है क्योंकि म्युचुअल फंड जब हम खरीदते हैं हैं तो हमें उसमें यूनिट से दिया जाता है इस यूनिट सके हिसाब से हमें पैसा दिए जाते हैं
म्यूचुअल फंड के प्रकार

हम जानेंगे कि म्यूचुअल फंड में तीन तरह के प्रकार होते हैं हम इन्हीं तीन प्रकारों के बारे में बात करेंगे सबसे पहले है इक्विटी फंड, दूसरा है डेट फंड, और तीसरा है हाइब्रिड फंड हम सबसे पहले इक्विटी फंड के बारे में बात करेंगे।
इक्विटी फंड (Equity Fund) – स्टॉक मार्केट वाले फंड
इक्विटी उसे कहते हैं जिसमें ज्यादातर पैसा शेयर मार्केट में लगाए जाते हैं मान के चलो 65% शेयर मार्केट में लगाए जाते हैं वो भी अच्छे शेयर में लगाए जाते हैं जैसे कि NSE की टॉप 50 कंपनी में से शेयर लेते हैं और BSE के टॉप 30 शेयर में से भी लेते हैं और छोटे-मोटे आईपीओ जो आते हैं उसमें भी लगा देते हैं क्योंकि उसमें कंपनी काफी छोटी रहती है अगर वह कंपनी चलती है तो उनको रिटर्न भी अच्छा मिलेगी इसलिए वह उसमें भी थोड़ा बहुत 5 से 10% भी लगाती है क्योंकि मार्केट में हमेशा बैलेंस बनाकर रखना जरुरी पड़ता है तभी हमें कम से कम सालों 2 या 3 साल में भी अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं लेकिन ज्यादातर kisso में 20 से 25 साल में एक अच्छा wealth बनाने में मदद करती है क्योंकि हर चीज में समय लगता है जब हम पौधा भी लगते हैं तो उसको पेड़ बनने में 15 से 20 साल लगते हैं तो हम अपने इन्वेस्टमेंट को भी टाइम दे तो जरूर हमें भी wealth बनाने में मदद करेगी इसलिए म्युचुअल में भी ज्यादा रिटर्न देती है क्योंकि उनको काफी सालों का एक्सपीरियंस रहता है इसलिए वह पैसे को अच्छे से मैनेज करके निवेश करते हैं
2. डेट फंड (Debt Fund) – ब्याज कमाने वाले फंड
डेट फंड भी एक म्युचुअल फंड है यह ज्यादा रिस्क नहीं लेते हैं और इसका ब्याज काफी फिक्स रहते हैं अब हम जानेंगे की डेट म्युचुअल फंड पैसा कहां-कहां लगते हैं डेट फंड क्या है डेट फंड उन जगहों पर पैसा निवेश करते हैं जहां पर इनकम फिक्स मिलता है जैसे की कंपनी का लोन, बैंक का बॉन्ड् , सरकारी बॉन्ड बस यही सब में पैसा यह इन्वेस्ट करते हैं क्योंकि यह ज्यादा रिस्क नहीं लेते हैं और इनका इंट्रेस्ट भी फिक्स रहते हैं हां मैं मानता हूं कि इनका इनकम फिक्स रहते हैं लेकिन इक्विटी के मुकाबले में इनका रिटर्न काफी कम रहता है
3. हाइब्रिड फंड (Hybrid Fund) – मिश्रित फंड
हाइब्रिड फंड भी एक तरह का म्युचुअल फंड है जिसमें दोनों में पैसा लगाए जाते हैं इक्विटी फंड में भी लगाए जाते हैं और डेट फंड में भी लगाए जाते हैं दोनों में इसलिए लगाए जाते हैं क्योंकि यह एक मिश्रित फंड है जो इक्विटी में थोड़ा अधिक रिस्क है और डेट में थोड़ा कम रिस्क रहता है इसलिए पैसे के काफी अच्छे बैलेंस बनाकर रखते हैं
जैसे एग्जांपल
मान लीजिए आप के पास ₹10000 है तो 10000 में से ₹6000 इक्विटी में लगाएंगे और ₹4000 डेट में डालेंगे क्योंकि बैलेंस बना रहे।क्योंकि रिस्क और सेफ्टी दोनों बना रहे।
हाइब्रिड फंड (Hybrid Fund)
हाइब्रिड फंड को मुख्य तीन भागों में भी बांटा गया है आइए हम इन तीनों के बारे में विस्तार से समझेंगे
1. एग्रेसिव हाइब्रिड फंड
एग्रेसिव हाइब्रिड फंड है इसमें जितने भी पैसा लगाएंगे टोटल इसमें शेयर्स में लगाएंगे जिसे हम इक्विटी कहते हैं क्योंकि यह काफी एग्रेसिव रहता है इसलिए इसे एग्रेसिव हाइब्रिड फंड भी कहते हैं
2.कंज़र्वेटिव हाइब्रिड फंड
कंज़र्वेटिव हाइब्रिड फंड उसे कहते हैं क्योंकि इसमें जितने भी पैसा लगाया जाता है सारे के सारे डेट में लगाए जाते हैं
3.बैलेंस्ड एडवांटेज फंड –
बैलेंस्ड एडवांटेज फंड –बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ऐसा है जब मार्केट के हिसाब से यह पैसा लगाए जाते हैं मान लीजिए आज मार्केट नीचे है तोह उस हिसाब से लगाए जाते हैं मार्केट ऊपर है तो उसे हिसाब से लगाए जाते हैं मतलब यह पूरा मार्केट पर डिपेंड करके यह पैसा लगाए जाते हैं
म्युचुअल फंड में निवेश कैसे करें
1.सबसे पहले पैन कार्ड आधार कार्ड और बैंक अकाउंट अपने पास रखें
- पैन कार्ड
- आधार
- बैंक अकाउंट
पैन कार्ड इसलिए चाहिए वह पहचान के लिए
आधार कार्ड इसलिए चाहिए क्योंकि KYC भी करना पड़ता है बैंक अकाउंट इसलिए चाहिए क्योंकि पैसे अंदर बाहर हम कर सके
2.KYC
आजकल मोबाइल से भी KYC हो जाती बस आपको पैन कार्ड अपने पास रखना पड़ेगा और आधार और एक सेल्फी लेकर अपलोड करना पड़ेगा बस हो जाएगी KYC
और आप पूछेंगे कि कैसे करेंगे आसान है मोबाइल में बहुत सारा प्ले स्टोर में बहुत ऐप है उन app में से आप किसी ऐप में भी खाता खुलवा सकते हैं नाम है zerodha, groww, Angel one, M stock, इत्यादि
3. कोई भरोसेमंद ऐप या वेबसाइट चुनो
मैं आपको कुछ app के नाम बता रहा हूं जिन्हें आप डाउनलोड करके आप पैसा लगा सकते हैं
मैंने तो एक बार नाम बता दिया है लो में फिर से बता दे रहा हूं
- Groww
- Zerodha
- Angel one
- M stock
इन अप में आप म्युचुअल फंड में भी निवेश कर सकते हैं बहुत आसान है एक बार शुरू में थोड़ा बहुत दिक्कत होगा लेकिन थोड़ा बहुत बार-बार इसे चलाते रहेंगे तो बहुत आसान लगेगा इसको चलते समय।
4.अपना Target एक बना लो
आप सोचो कि मैं पैसा क्यों लग रहा हूं बाइक खरीदना है शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं घर बनाना है घर बनाने के लिए आपको 5 से 10 साल इन्वेस्ट करने पड़ेंगे वह भी अच्छे खासे रकम में आपको SIP करने पड़ेंगे
Wealth बनाने के लिए
-वेल्थ बनाने के लिए आपको काम से कम आपको 20 से 25 साल इन्वेस्ट करने पड़ेंगे SIP में वह भी अच्छे खासे रकम में तभी आपका वेल्थ क्रिएट हो पाएगा ।
5.सही म्युचुअल फंड चुनाव
अब सोचो किअगर आप ज्यादा मुनाफा चाहते हैं तो आप इक्विटी में आप जा सकते हैं क्योंकि इक्विटी में सबसे ज्यादा बेहतर रिटर्न मिलता हैअगर आप थोड़ा-थोड़ा रिक्स लेना चाहते हैं तो आप हाइब्रिड फंड में जा सकते हैं अगर आप जरा से भी रिस्क नहीं लेना चाहते है तो आप डेट फंड की तरफ आप जा सकते हैं इसमें रिक्स बहुत काम रहता है और इनकम भी फिक्स की तरह मिलता है
म्युचुअल फंड में निवेश के लाभ

1.कम पैसे से शुरू कर सकते हैं
म्युचुअल फंड में निवेश करने का यह लाभ है कि यह काम से कम पैसों में हम कर सकते हैं जैसे कि आप 100 से भी स्टार्ट कर सकते हैं 500 से भी स्टार्ट कर सकते हैं लेकिन आप जितना ज्यादा अमाउंट हर साल परसेंटेज बाय बढ़ाएंगे तो आपको काफी ज्यादा बेनिफिट मिलेगी और कंपाउंडिंग का भी फायदा अधिक से अधिक मिलेगा
2. एक्सपर्ट की मदद:
एक्सपर्ट को भी काफी सालों का एक्सपीरियंस रहता है और यह आपके पैसे को अलग-अलग फील्ड में लगाते हैं जैसे कि शेयर्स में भी लगते हैं कुछ थोड़ा बहुत कंपनी लोन, सरकारी बॉन्ड और थोड़ा बहुत रियल स्टेट में लगाते हैं क्योंकि आपकी हर पैसा के अलग-अलग जगह पर डिवाइड करके लगते हैं ताकि रिकी कम से कम हो और लॉन्ग टर्म में भी आपको प्रॉफिट अधिक से अधिक मिले
3.अच्छा रिटर्न:
और FD और RD के मुकाबले में भी यह अच्छा रिटर्न देता है अगर आप जो FD कर रहे हैं उससे अच्छा आप SIP में म्युचुअल फंड कीजिए जिसे हम सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान कहते हैं और यह FD के मुकाबले में कंपाउंडिंग का रिटर्न बहुत ही अच्छा बेहतरीन रहता है हां लेकिन आपको लॉन्ग टर्म का आपका व्यू रखना पड़ेगा तभी आपका बेहतरीन अच्छा रिटर्न मिल सके ।
4.टैक्स बचत:
अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं तो आप ELSS फंड की तरफ जा सकते हैं जिसमें आपका 1.5 लाख तक टैक्स बचा सकते हैं
5. पैसा जब चाहो निकाल सकते हो:
आप जब चाहे तब पैसे निकाल सकते हैं इसकी कोई सीमा नहीं है कि आपको इतना साल बाद निकलना पड़ेगा यह आपका जब मन किया तब निकाल सकते हैं बस कुछ में लोक-इन होता है
6.ऑनलाइन सुविधा:
आप जब चाहे तब पैसे निकाल सकते हैं इसकी कोई सीमा नहीं है कि आपको इतना साल बाद निकलना पड़ेगा यह आपका जब मन किया तब निकाल सकते हैं बस कुछ में लोक-इन होता है
6.ऑनलाइन सुविधा:
आजकल ऑनलाइन सुविधा भी बहुत जबरदस्त हो चुका है जैसे कि आप कुछ इन्वेस्ट करना चाहते हैं तो वह भी आप तुरंत कर सकते हैं जितना भी app के नाम बताया गया है अगर वह ऐप डाउनलोड करके आप इन्वेस्ट करना चाहते हैं बहुत ही आसान तरीके से हो जाएंगे
म्युचुअल फंड के नुकसान
हमेशा म्युचुअल फंड का प्रॉफिट के बारे में बताया जाता है कभी नुकसान के बारे में नहीं बताया जाता है क्योंकि म्युचुअल फंड में भी नुकसान होता है क्योंकि इसमें पूरा बाजार पर डिपेंड करता है जिसे हम नजर अंदाज नहीं कर सकते हैं हम समझेंगे जोखिमों के बारे में।
1. बाजार जोखिम (Market Risk):
हां इसमें भी रिक्श होता है क्योंकि म्युचुअल फंड का पैसा जब हम लगाते हैं तो वह टोटल पैसा या कुछ पैसे शेयर मार्केट में लगाते हैं कुछ बॉन्ड में लगाते हैं कुछ फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स में भी लगाए जाते हैं अगर यह सब में भी थोड़ा बहुत गिरावट होता है तो हम लोग म्युचुअल फंड में भी नेगेटिव दिखाते हैं
उदाहरण
जैसे अपने म्युचुअल फंड इक्विटी में निवेश किया है अगर शेयर मार्केट में भी अगर गिरावट आती है फिर मंदी आती है तो उसमें भी आपका म्युचुअल फंड का यूनिट का भी गिरावट होता है
2. लंबे समय में ही अच्छा रिटर्न
म्युचुअल फंड में तुरंत मोटा मुनाफा कमाना बहुत मुश्किल है इसके लिए आपको अधिक से अधिक आपको 10 से 15 साल टाइम देना पड़ेगा तभी एक आपको बेहतर अच्छा रिटर्न मिल सकेगा
मतलब
इसका मतलब यह है कि आप अगर पैसा लगा रहे हैं तो हमेशा लॉन्ग टर्म के लिए सोच रखिए यह नहीं कि आप तुरंत पैसा डाल दिए फिर मन किया तो फिर निकाल लिए ऐसा नहीं होना चाहिए जब आप 10 साल के लिए FD में रख सकते हैं तो यहां आप क्यों नहीं टाइम दे सकते हैं अगर जब FD में 10 साल दे सकते हैं वही आप मन को बना ले तो इसमें भी पैसा जरूर से जरूर बन सकता है
3. मैनेजमेंट फीस और अन्य चार्जेस
मैनेजमेंट फीस और अन्य चार्ज के बारे में हम पूरा विस्तार से और अच्छा से जानेंगे हम सबसे पहले हम जानेंगे मैनेजमेंट फीस वह फीस है जिसमें हम बहुत सारे लोग जो म्युचुअल फंड में पैसा डालते हैं वही पैसा को वह मैनेज करने वाले व्यक्ति को सैलरी के रूप में दिया जाता है और वह एक परसेंटेज वाइज दिया हुआ जाता है कि वह साल भर में इतना परसेंटेज वह लगेगा और वह सैलरी के रूप में उसे मिलता है
म्युचुअल फंड के उद्देश्य
म्युचुअल फंड का यह उद्देश्य है कि कोई भी छोटा-मोटा भी निवेश लगाकर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकता है क्योंकि जिसका शेयर मार्केट का नॉलेज ना हो उतना पढ़ा लिखा भी ना हो तो वह म्युचुअल मैं पैसा लगाना ज्यादा अच्छा माना जाता है म्यूचुअल फंड में आम जनता जो छोटे-मोटे निवेश करके वह अच्छे खासे रिटर्न कमा सकते हैं क्योंकि शेयर मार्केट में उसमें काफी चीज देखा जाता है रेवेन्यू बैलेंस शीट कैश फ्लो यह सब जो ज्यादा नहीं देख सकते उसके लिए म्यूचुअल फंड बहुत ही अच्छा विकल्प है कि वहां पर एक फंड मैनेजर बैठा है जो हर किसी का म्युचुअल फंड में जो जो निवेश किया है उसे पैसे को मैनेज करता है
म्युचुअल फंड क्यों अच्छा है
म्युचुअल फंड क्यों अच्छा है हम समझते म्युचुअल फंड इसलिए अच्छा है क्योंकि शेयर मार्केट की तरह हमें इसमें कुछ ज्यादा एनालिसिस करना नहीं पड़ता है वहां पर एक फंड मैनेजर बैठा हुआ है हम पैसा जमा करते हैं और वही फंड में नजर उसी पैसे को मैनेज करते है क्योंकि सारा कंट्रोल फंड मैनेजर के पास रहता है अब उसे पैसा को कब किस दिन और कहां पर लगाएगी वही निश्चित करता है—
निष्कर्ष
मेरा जो था एजुकेशन म्युचुअल फंड के बारे मैं उसके बारे में बताया गया हूं मैं किसी म्युचुअल फंड को बाय और सेल का नहीं बताया गया हु मैं आपको इसमें यह बताया गया हूं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने से आपको क्या-क्या देखना पड़ता है बस वही सिर्फ बताया गया है कृपया अपने सूझबूझ और अपने हिसाब से निवेश करें किसी के बहकावे में न आए ।
क्या म्युचुअल फंड में नुकसान हो सकता है?
हां थोड़ा बहुत नुकसान हो सकता है लेकिन ज्यादा नहीं हो सकता है क्योंकि यह सब सारे जितना भी पैसा लगाए जाता है सब मार्केट में लगाए जाते हैं अगर मार्केट थोड़ा बहुत आप डाउन होता है तो हमारे पैसे भी अप डाउन होते हैं लेकिन हमेशा लॉन्ग टर्म में फायदा ही मिलता है
क्या हर कोई म्युचुअल फंड में पैसा लगा सकता है?
हां हर कोई भी निवेश कर सकता है म्युचुअल फंड में गरीब हो या फिर अमीर बस उसके पास पैन कार्ड और बैंक खाता होना चाहिए।
म्युचुअल फंड में SIP क्या होता है?
म्युचुअल फंड SIP उसे कहते हैं जैसे हम हर महीने थोड़ा-थोड़ा एक फिक्स इनकम डिपॉजिट करते हैं म्यूचुअल फंड में उसे हम SIP कहते हैं जैसे की 500 या 1000 करते हैं