यह भी एक शेयर बाजार में पैसा कमाने का ट्रेडिंग यह है लेकिन इसमें किसी शेयर या स्टॉक का स्विंग को पकड़ना पड़ता है लेकिन इसमें अधिकतर ज्यादातर टॉप गेनर को देखा जाता है और उसी में ट्रेड किया जाता है और उसी में ट्रेड करके इसमें मुनाफा कमाना पड़ता है लेकिन इसमें इंट्राडे की तरह नहीं होता है इसमें कुछ दिन या कुछ हफ्ते में शेयर को खरीद के और बेच के पैसे कमाते हैं यह बार-बार कर करके अच्छे खासे मुनाफे कमाए जा सकते हैं।
स्विंग ट्रेडिंग क्या है?

आई हम समझते हैं कि स्विंग ट्रेडिंग क्या है स्विंग ट्रेडिंग एक ट्रेडिंग का ही जरिया है जिसमें कि स्विंग ट्रेडिंग कुछ दिन या कुछ हफ्तों में हम शेयर को खरीद के बेचते हैं जैसे कि हमें कुछ थोड़ा बहुत प्रॉफिट होने सके लेकिन प्रॉफिट बनाना भी उतना आसान नहीं है फिर भी स्विंग ट्रेडिंग के लिए आपको कुछ चीजों की सिखाना बहुत जरूरी है जैसे की टेक्निकल एनालिसिस करना बहुत जरूरी थोड़ा बहुत फंडामेंटल एनालिसिस करना बहुत जरुरी है
स्विंग ट्रेडिंग कैसे काम करती है?
स्विंग ट्रेडिंग के बारे में तो हम जान गए कि कुछ घंटे कुछ दिन कुछ हफ्ते या कुछ महीनो का चार्ट इस्तेमाल करते हैं लेकिन चार्ट इस्तेमाल करने पर भी कोई पैटर्न बनता है पैटर्न को हमें फॉलो करना पड़ता है लेकिन पैटर्न फॉलो करने से पहले हमें पैटर्न को कुछ नाम दिया गया वह पैटर्न बने तभी हमें डिसीजन लेना चाहिए।
उसमें भी एक सपोर्ट एरिया में होना चाहिए या रेजिस्टेंस एरिया में होना चाहिए कि बार-बार मल्टीप्ल टच हो उसी को सपोर्ट या रेजिस्टेंस में अगर कोई पैटर्न बने तब हमें बाय या सेल का डिसीजन लेना चाहिए। हां मानते हैं पैटर्न को फॉलो करना पड़ता है लेकिन पूरा हंड्रेड परसेंट सही हो ऐसा कोई गारंटी नहीं इसलिए हमें स्टॉपलॉस का हमेशा विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि इंट्राडे हो या स्विंग ट्रेडिंग हमें हमेशा stop loss लगाना ही चाहिए।
स्विंग ट्रेडिंग और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टिंग के बीच क्या अंतर है?
आइए हम समझते हैं अच्छा से की स्विंग ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग में क्या अंतर है पहले बात यह है की स्विंग ट्रेडिंग शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग है जिसमें थोड़े समय या कुछ दिन या कुछ हफ्तों में हमें प्रॉफिट बनाना पड़ता है उसी को स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं हैं अब हम इन्वेस्टिंग के बारे में जानेंगे इन्वेस्टिंग ऐसा जगह है जो हमें लॉन्ग टर्म में प्रॉफिट देता है
वेल्थ क्रिएट करने में लेकिन यह बहुत सारे आदमी जो थोड़ा बहुत शेयर मार्केट में आप डाउन होते नहीं अपना पैसा निकाल लेते हैं इसलिए जब भी वेल्थ बनाना पड़ता है तो हमें पैसा बहुत सालों से होल्ड करने पर हमें वेल्थ क्रिएट करने पर मदद मिलेगी लेकिन आप पूछेंगे कौन सा स्टॉक में निवेश करें ।
बहुत अच्छा सवाल पूछा इसके लिए हमें कुछ फंडामेंटल एनालिसिस करना पड़ेगा इसके लिए आपको बैलेंस शीट कंपनी का देखना पड़ेगा रेवेन्यू असेट्स उसके काफी चार से पांच साल बैक अप रिजल्ट देखना पड़ेगा परफॉर्मेंस देखना पड़ेगा कैसा चल रहा है कैसा नहीं उसके बाद हम लॉन्ग टर्म इन्वेस्ट कर सकते हैं
हां आप छोटे कंपनी में भी इन्वेस्ट कर सकते लेकिन उसके लिए आपको फंडामेंटल की थोड़ा डिप्ली रिसर्च करनी पड़ेगी कि आज के समय में क्या चलेगा क्या नहीं जैसे की टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिकल कार ला रही है और भी अन्य कंपनी है जो सोलर में काम कर रही है या फिर सोलर एनर्जी में बस यही सब चीज को हमें ध्यान में रखते हुए पैसा इन्वेस्ट करना चाहिए।
स्विंग ट्रेडिंग के लाभ और नुकसान

स्विंग ट्रेडिंग मै यह फायदे हैं की आपको दिन भर स्क्रीन के सामने बैठना नहीं पड़ता है और उतना स्ट्रेस भी नहीं होता स्विंग ट्रेडिंग में जितना की इंट्राडे ट्रेडिंग में होता है
रिस्क रिवॉर्ड रेशों
इसमें और एक चीज है कि इसमें रिस्क रिवॉर्ड बहुत ही अच्छा मिलता है क्योंकि इसमें जब थोड़ा बहुत पैटर्न बनता है तो हमें पता चल जाता है कि कौन सा पैटर्न बना रहा है क्या नहीं उसी हिसाब से हम इसमें ट्रेड करेंगे और अपना रिस्क रिकॉर्ड हमेशा मेंटेन करेंगे क्योंकि हर बार हमें प्रॉफिट हो उसका कोई गारंटी नहीं है
इसलिए हमें Stop loss का हमेशा लगाना ही चाहिए और कितना हम मुनाफा कमा सकते हैं मान लो अगर हम ₹100 का stop loss लेकर चल रहे तो कम से कम हम ₹300 का टारगेट लेकर चलना ही चाहिए क्योंकि यही शेयर मार्केट का नियम है हमेशा अपने टारगेट और रिस्क को हमेशा मेंटेन ही रखना चाहिए।
इंट्राडे और स्विंग ट्रेडिंग में क्या अंतर है ?
पहले हम यह समझेंगे की स्विंग ट्रेडिंग होता क्या है स्विंग ट्रेडिंग उसे कहते हैं जैसे की कोई भी शेयर को दो से तीन दिन का चार्ट या फिर दो से तीन हफ्ते का चार्ट देखकर हम ट्रेड करते हैं
तो उसे हम स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए हमें चार्ट का नॉलेज होना बहुत जरूरी है और कैंडल स्टिक का भी नॉलेज होना बहुत जरूरी है क्योंकि उसमें कुछ दिन या कुछ हफ्तों का चार्ट या कैंडल को देखकर हम ट्रेड लेते हैं और सपोर्ट रेजिस्टेंस भी हम देखकर ट्रेड करते हैं
इसलिए हमें यह सब का नॉलेज होना बहुत जरूरी है हां लेकिन इसमें एक चीज मुमकिन है कि इंट्राडे ट्रेडिंग से ज्यादा परसेंटेज पैसा कमाने का मुकाबले में इसमें थोड़ी ज्यादा है ।
इंट्राडे ट्रेडिंग
अब हम इंट्राडे ट्रेडिंग के बारे में बात करेंगे कोई भी शेयर या स्टॉक्स को एक ही दिन में बेचना पड़ता है जैसे की मार्केट 9:15 स्टार्ट होता है तो हमें 3:30 तक क्लोज करना पड़ेगा
जैसे कि मैं Example दे रहा हूं
एक टाटा मोटर्स का शेर है ₹500 उसका दाम है और उस शेयर का दाम 505 हो गया या फिर 495 हो गया मतलब सीधा आंसर यह है कि लॉस हो या फिर प्रॉफिट हो हमें 3:30 से पहले हमें मार्केट छोड़कर निकालना पड़ेगा बस इसी को इंट्राडे ट्रेडिंग कहते हैं अगर हम ऐसा नहीं कर पाते हैं एक्स्ट्रा ब्रोकरेज देना पड़ता है
इसलिए इंट्राडे ट्रेडिंग में बहुत अधिक रिस्क रहता है क्योंकि इसमें बहुत कम समय में बहुत जल्दी फैसला लेना पड़ता है इसलिए प्रॉफिट होने की चांस बहुत काम होती है और लॉस होने की चांस थोड़ा ज्यादा होती है हां लेकिन अगर आपका नॉलेज अच्छा रहा एक्सपीरियंस काफी सालों का तो आप इसमें अच्छे-खासे पैसे भी कमा सकते हैं
Swing trading स्टॉक्स कैसे चुने?

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक चुनने के लिए कुछ जरूरी बातों को ध्यान में रखना पड़ता है स्टॉक चुनने के लिए आपको उसे स्टॉक्स का चार्ट या फिर कैंडल स्टिक की चार्ट का नॉलेज होना बहुत जरूरी है चार्ट में हम यह देखते हैं कि कौन सा पैटर्न बना रहा है उसे पैटर्न को हिसाब से हम ट्रेड लेते हैं जैसे कि ,M पैटर्न बना रहा है या फिर W पैटर्न या rising veg ऐसा कोई पैटर्न बनता है तब हम ट्रेड लेते हैं
कैंडलेस्टिक में हम यह देखते हैं कि कौन सा कैंडल कहां बन रहा है कौन सा नहीं बन रहा है जैसे कि मैं कुछ एग्जांपल दे रहा है Hamer कैंडल जो बहुत ज्यादा फेमस है इनवर्टेड कैंडल यह सब देखकर ट्रेड लेना पड़ता है और भी कुछ है जैसे कि Moving average है ज्यादातर Moving average में 40 से 60 का उपयोग किया जाता है ट्रेड करने के लिए इसलिए हमें कभी भी स्विंग ट्रेड करने के लिए हमें यह सब का नॉलेज होना बहुत जरूरी है प्रॉफिट नुकसान बात की बात है और एक बात उसके बाद आता है साइकोलॉजी जो ट्रेडिंग का सबसे गेम है अगर आप इसे सीख जाते है तो आपका लॉस कम से कम होगा इसलिए psychology के बारे में हम बाद में किसी दूसरे दिन में बात किया जाएगा ।
निष्कर्ष ?
हां स्विंग ट्रेडिंग में भी पैसा कमाया जा सकता है क्योंकि ज्यादातर स्विंग ट्रेडिंग इसलिए पसंद आता है क्योंकि इसमें किसी शेयर को लंबी अवधि के लिए निवेश नहीं करना पड़ता है इसमें शेयर को कुछ दिन या कुछ हफ्ते में रखकर इसे बेच कर प्रॉफिट कमाया जा सकता है हां लेकिन इसमें भी कुछ रिस्क है अगर सही जानकारी ना हो तो इसमें पैसे डूब सकते हैं इसलिए जानकारी होना बहुत जरूरी है तभी इसमें आप कदम बढ़ाए और ट्रेड करें।
Pingback: शेयर मार्केट क्या है? जानिए NSE और BSE में लिस्टेड कंपनियां